हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि राज्य में अपराध रोकना सरकार की प्राथमिकता और कर्तव्य है। इसकी ज़िम्मेदारी संबंधित पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) की होगी।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी भी पुलिस स्टेशन इलाके में आपराधिक गतिविधियां बढ़ती हैं, और अगर अपराधियों को संरक्षण मिलता पाया जाता है, तो उस पुलिस स्टेशन के SHO को इंस्पेक्टर के पद से डिमोट करके सब-इंस्पेक्टर बना दिया जाएगा।
सूरजकुंड के होटल राजहंस में उद्योगपतियों के साथ बजट से पहले की चर्चा के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य की पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया एक बहुत ही सख्त और अभूतपूर्व कदम है। अब, पुलिस स्टेशनों में तैनात SHO के प्रदर्शन से ही उनका कार्यकाल तय होगा।
अगर किसी भी पुलिस स्टेशन इलाके में अपराध बेकाबू पाया जाता है, तो संबंधित जिले के SP और पुलिस कमिश्नर जांच करेंगे कि अपराध क्यों बढ़ रहा है। अगर अपराध नहीं रुकता है, तो SHO को उनके पद से हटा दिया जाएगा और उसी पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर के पद पर डिमोट कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करना बहुत ज़रूरी हो गया है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। CM के अनुसार, सरकार का मानना है कि इस कदम से ज़मीनी स्तर पर पुलिसिंग में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। अपराधियों को भी कड़ा संदेश दिया गया है कि कोई भी अपराधी कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।
