मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हिसार में प्री-बजट बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े पक्षकारों ने भाग लिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों और कृषि उत्पादक संगठनों (FPO) के सुझावों का स्वागत किया और उन्हें धन्यवाद दिया।
कृषि परिवार से गहरा नाता
मुख्यमंत्री ने कहा, आपके द्वारा दिए गए सभी सुझावों को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की है। उन्होंने बैठक को विशेष महत्व की बताते हुए कहा कि उनका कृषि परिवार से गहरा नाता है और कृषि क्षेत्र की समस्याओं को उन्होंने खुद महसूस किया है।
सुझावों को बजट में किया गया शामिल
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र को राज्य की समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रतीक बताया और कहा कि पिछले वर्ष की बैठक में प्राप्त 161 सुझावों में से 99 सुझावों को बजट में शामिल किया गया था। उन्होंने बताया कि इन सुझावों के आधार पर कई महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई गईं।
कृषि और बागवानी कार्य योजना
मुख्यमंत्री ने कहा, “नकली बीज की रोकथाम के लिए हरियाणा विधानसभा में एक बिल लाया गया है और मोरनी क्षेत्र के लिए कृषि और बागवानी कार्य योजना भी बनाई गई है। इसके अलावा, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं को सशक्त किया गया है और मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत अनुदान राशि बढ़ाई गई है।
पशुओं को बीमा सुरक्षा देने का काम
उन्होंने यह भी घोषणा की कि पशुधन बीमा योजना के तहत अधिक पशुओं को बीमा सुरक्षा देने का काम सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही, किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में कई योजनाएं लाई गई हैं।
विकास में नहीं आएगी कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष कृषि और संबंधित विभागों के लिए 9,296 करोड़ 68 लाख रुपए का बजट आवंटित किया गया था और आगामी बजट में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
किसानों की बेहतरी के लिए निरंतर काम
इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और किसानों की बेहतरी के लिए निरंतर काम किया जाएगा।